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अचिंता शेउली ने जीता भारत के लिए तीसरा गोल्ड

भारतीय वेटलिफ्टर अचिंता शेउली ने भारत को तीसरा गोल्ड दिलवाया है. उन्होंने 73 किलोग्राम कैटेगरी में कुल 313 किलो का वजन उठाते हुए ‘कॉमनवेल्थ गेम्स में रिकॉर्ड बना दिया. आज देश भर में नाम कर रहा 20 साल का ये युवा बेहद संघर्षों के बाद यहां पहुंचा है. लेकिन, उनका यहां तक का सफर बहुत मुश्किलों से भरा रहा. कई परेशानियों का सामना करते हुए उन्होंने काफी संघर्ष किया. उनकी कहानी दूसरों को प्रेरित करती है.

पश्चिम बंगाल के देउलपुर के रहने वाले 20 वर्षीय अचिंता शेउली का जन्म 24 नवंबर 2001 को एक गरीब परिवार में हुआ. घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी. पिता जगत शेउली रिक्शा चलाते थे. साथ में मजदूरी भी करते. वो किसी तरह मेहनत कर परिवार का पेट भरते रहे. अंचिता की उम्र जब 10 साल की थी. तब एक कटी पतंग के पीछे दौड़ते हुए वो जिम तक जा पहुंचे. जहां इनके बड़े भाई आलोक वेटलिफ्टिंग की ट्रेनिंग करते थे.

यहीं से अचिंता को वेटलिफ्टिंग का शौक हुआ. इसमें अपना करियर बनाने का सपना देखने लगे. लेकिन परिवार की आर्थिक तंगी के कारण उनके लिए यह आसान नहीं था. फिर एक दिन परिवार पर ग़म का पहाड़ टूट पड़ा. साल 2013 में अचिंता के पिता की अचानक मौत हो गई. परिवार के ऊपर बड़ा संकट आ गया. घर का ख़र्च चलाना मुश्किल हो गया था. मां ने सिलाई-बुनाई का काम पकड़ा ताकि उनके बच्चे भूखे ना रहें.

पिता की मौत के बाद अचिंता की मां के कमाए हुए पैसों से घर चलाना मुश्किल हो रहा था. ऐसे में अचिंता के भाई अलोक ने वेटलिफ्टिंग के साथ कॉलेज की पढ़ाई छोड़ दी. उनका सपना टूट गया. बड़े होने की वजह अब उनके ऊपर परिवार की जिम्मेदारी आ गई. वो भी काम कर कमाने लगे. भाई आलोक ने अचिंता के सपने को अपना सपना बना लिया. उन्होंने अचिंता को वेटलिफ्टर की ठान ली. लेकिन घर के हालात देखकर अचिंता स्पोर्ट्स से दूर होना चाहते थे. मगर उनके भाई ने उन्हें प्रोत्साहित किया और आगे बढ़ने की हिम्मत दी.

साल 2019 में इनके बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए रिलायंस फाउंडेशन यूथ स्पोर्ट ने अपने एलीट एथलीट स्कॉलरशिप प्रोग्राम के तहत अचिंता का चयन किया जिसमें इन्हें आर्थिक मदद मिली. साथ ही इनके न्यूट्रीशन, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग, डेटा एनालिसिस और साइकोलॉजिक व्यवस्था का पूरा इंतजाम किया गया ताकि इन्हें इंटरनेशनल लेवल पर पूरी तरह से तैयार किया जा सके.

इसके बाद 2021 में कॉमनवेल्थ सीनियर चैंपियनशिप में अचिंता ने गोल्ड हासिल किया. अब कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने भारत के लिए गोल्ड मेडल हासिल कर परिवार व देश का नाम रौशन कर दिया.

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