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जानिये राहुल ने CBSE को क्यों कहा सेंट्रल बोर्ड ऑफ सप्रेसिंग एजुकेशन’

इतिहास और राजनीति विज्ञान का सिलेबस बदलने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी भड़क गए हैं। CBSE की ओर से 10वीं और 12वीं क्लास के इन विषयों के सिलेबस बादल दिया गया है, इस विषय पर राहुल गाँधी ने टिपणी कि उन्होंने इसे ‘राष्ट्रीय शिक्षा श्रेडर’ करार दिया है। साथ ही CBSE को ‘सेंट्रल बोर्ड ऑफ सप्रेसिंग एजुकेशन’ बताया है।

राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा, ‘राष्ट्रीय शिक्षा श्रेडर’। साथ ही एक तस्वीर भी शेयर की। इसमें एक मशीन है जो लोकतंत्र और विविधता, कृषि पर वैश्वीकरण के प्रभाव, नॉन अलाइंड मूवमेंट, द मुगल कोर्ट, इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन, फैज की कविताओं जैसे विषयों को काट रही है। हालांकि, यह मशीन रोजगार, साम्प्रदायिक सौहार्द और संस्थाओं की आजादी जैसे मुद्दों को पहले से ही टुकड़े-टुकड़े कर चुकी है।

CBSE ने इतिहास और राजनीति विज्ञान का सिलेबस बदला
कांग्रेस सांसद की टिप्पणी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से कक्षा 11वीं और 12वीं के सिलेबस में किए गए बदलाव के बाद आई है। CBSE ने 11वीं और 12वीं क्लास से इतिहास और राजनीति विज्ञान के सिलेबस में से कई चैप्टर हटा दिए हैं। इनमें गुटनिरपेक्ष आंदोलन, कोल्ड वॉर टाइम, अफ्रीकी-एशियाई क्षेत्रों में इस्लामी साम्राज्यों का उदय, मुगल दरबार और औद्योगिक क्रांति के इतिहास शामिल थे।

इसी तरह, 10वीं के सिलेबस में फूड सेफ्टी से एग्रीकल्चर पर ग्लोबलाइजेशन का असर विषय हटा दिया गया है। ‘धर्म, सांप्रदायिकता और राजनीति – सांप्रदायिकता, धर्मनिरपेक्ष राज्य’ कॉलम में फैज अहमद फैज की उर्दू में दो कविताओं के अनुवादित अंशों को भी बाहर कर दिया गया है। CBSE ने कोर्स में से ‘लोकतंत्र और विविधता’ पर चैप्टर भी हटा दिया है

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