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मॉरीशस के पीएम ने भारत को बताया दुनिया की फार्मेसी

पीएम मोदी के साथ आज गांधीनगर में ग्लोबल आयुष इन्वेस्टमेंट एंड इनोवेशन समिट में हिस्सा लिया था,इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि यह पहली बार है जब आयुष सेक्टर को लेकर एक निवेश सम्मेलन हो रहा है।

मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ इस समय भारत दौरे पर हैं,उन्होंने बुधवार को गुजरात के गांधीनगर में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संग द्विपक्षीय वार्ता की है,उन्होंने इससे पहले आज पीएम मोदी के साथ गांधीनगर में ग्लोबल आयुष इन्वेस्टमेंट एंड इनोवेशन समिट में हिस्सा लिया था। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि यह पहली बार है जब आयुष सेक्टर को लेकर एक निवेश सम्मेलन हो रहा है, पीएम ने कहा,‘कोरोना संकट के दौरान मैंने इसके बारे में सोचा,कोरोना संकट के दौरान इस तरह के अन्य उत्पाद लोगों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बहुत मददगार साबित हुए हैं।

उन्होंने यह कहा,‘भारत जल्द ही पारंपरिक औषधि उत्पादों को मान्यता देने के लिए आयुष चिह्न जारी करेगें, जो देश के आयुष उत्पादों की गुणवत्ता को प्रामाणिकता प्रदान करेगा, प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत जल्द ही उन लोगों के लिए आयुष वीजा श्रेणी शुरू करेगा,जो इलाज के पारंपरिक तरीकों के लिए देश आते हैं, पीएम मोदी यहां मॉरिशस के प्रधानमंत्री और विश्व स्वास्थ्य संगठन के महासचिव डॉ टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस की मौजूदगी में यह सब बोल रहे थे।

मॉरीशस के पीएम ने भारत को बताया दुनिया की फार्मेसी
वहीं, अपने संबोधन में मॉरीशस के पीएम ने भी यह बात कहीं कि भारत दुनिया की फार्मेसी है, उन्होंने कहा, ‘हम कोविड महामारी के दौरान आयुर्वेदिक दवाएं भेजने के लिए भारत के आभारी हैं। मॉरीशस में आयुष की प्रथा लोकप्रिय है और हमने इस धारणा को अपनाया है कि पारंपरिक दवाएं आधुनिक दवाओं की पूरक हैं।’ जगन्नाथ ने कहा,‘आयुष निवेश और नवाचार शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में भाग लेना मेरे लिए सौभाग्य और सम्मान की बात है।

‘दुनिया की 80% की आबादी विभिन्न मूल की पारंपरिक चिकित्सा का उपयोग करती है’मॉरीशस के प्रधान मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि दुनिया की 80 प्रतिशत आबादी विभिन्न मूल की पारंपरिक चिकित्सा का उपयोग करती है. उन्होंने कहा,‘पारंपरिक चिकित्सा, उपचार और प्रथाओं के ज्ञान का न केवल सम्मान किया जाना चाहिए, बल्कि इसे संरक्षित और प्रचारित भी किया जाना,’ बता दें कि जगन्नाथ भारत की आठ दिवसीय यात्रा पर हैं, मॉरीशस के प्रधानमंत्री गुजरात और नई दिल्ली में अपने आधिकारिक कार्यक्रमों के अलावा वाराणसी का भी दौरा करेंगे।

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