कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में पेपर लीक के विरोध में चल रहे प्रदर्शन लगातार जारी हैं. संसद मार्च के बाद भी आंदोलनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ है. सोनम वांगचुक वर्तमान में अस्पताल में अनशन पर बैठे हैं, इसी बीच मोदी सरकार बातचीत की पहल करते नजर आ रही है. बुधवार (22 जुलाई) को सीजेपी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत का एक और दौर होने की उम्मीद है.
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह आज सीजेपी प्रतिनिधियों से मुलाकात कर सकते हैं. यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मंगलवार रात उन्होंने और जेपी नड्डा ने मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी. सूत्रों का कहना है कि मोदी सरकार बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार है. देर रात हुई इस बैठक में सबसे अहम मुद्दा यह रहा कि छात्र आंदोलन पर संसद में चर्चा कराई जाए.

सरकार ने छात्र आंदोलन पर संसद में चर्चा की मांग पर सहमति जताई है. इससे लंबे समय से चल रहे गतिरोध का समाधान निकलने की उम्मीद है. सोनम वांगचुक की भी यही प्रमुख मांग थी कि छात्र आंदोलन पर संसद में चर्चा हो. दिल्ली में हुए हालिया प्रदर्शनों के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, यह दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर हुआ.
बातचीत के दरवाजे खुले- सरकार
मोदी सरकार पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि वह बातचीत के लिए तैयार है, भले ही राजधानी में प्रदर्शन तेजी से बढ़ रहे हों. सरकार लगातार आंदोलनकारी छात्रों से संवाद की कोशिश कर रही है. यह ताजा बातचीत उनके इन प्रयासों की एक कड़ी है. सोमवार को जेपी नड्डा ने सीजेपी प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी और केंद्र ने कहा था कि बातचीत के दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं.
संसद में चर्चा की मांग
इस बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी के आवास की ओर मार्च निकालने की कोशिश के कारण राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था. संसद के मानसून सत्र में भी यह मुद्दा लगातार उठ रहा है और विपक्ष लगातार छात्र आंदोलन पर संसद में चर्चा कराने की मांग कर रहा है.