केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल ने आज घोषणा की कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एनडीए के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में एआईएडीएमके के नेता के. पलानीस्वामी को चुना गया है। इस वक्तव्य से राज्य में चुनावी मुकाबला और भी तेज़ होने के संकेत मिल रहे हैं।
एनडीए का स्पष्ट नेतृत्व
चेन्नई में बोलते हुए पियूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और तमिलनाडु में पलानीस्वामी के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनाएगा। उन्होंने डीएमके सरकार पर आरोप लगाया कि वह लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है और जनता अब एक मजबूत विकल्प चाहती है।
डीएमके पर हमला
गोयल ने डीएमके सरकार पर युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए काम न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार भ्रष्ट और कमजोर हो चुकी है और अब शासन करने का नैतिक अधिकार खो चुकी है।
उदयनिधि स्टालिन पर बयान
गोयल ने उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की, यह कहते हुए कि सनातन धर्म पर दिए गए उनके बयान किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए शोभा नहीं देते।
एनडीए का विस्तार
एनडीए तमिलनाडु में अपनी ताकत बढ़ा रहा है। टीटीवी दिनाकरन की एएमएमके और पीएमके के शामिल होने से गठबंधन और मजबूत हुआ है। यह सब प्रधानमंत्री मोदी की मदुरै रैली से कुछ दिन पहले हुआ।
नेताओं की बैठक और एकजुटता
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले चेन्नई में एनडीए नेताओं की बैठक हुई, जो पलानीस्वामी के घर पर आयोजित की गई। इस बैठक में बीजेपी विधायक वनथी श्रीनिवासन भी शामिल रहे, जिससे स्पष्ट हुआ कि पलानीस्वामी गठबंधन में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
मदुरै रैली पर नजर
वनथी श्रीनिवासन ने कहा कि पलानीस्वामी एनडीए के मुख्यमंत्री उम्मीदवार हैं और पियूष गोयल उनसे मुलाकात कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी की मदुरै रैली तमिलनाडु चुनाव में बड़ा बदलाव लाएगी।
चुनावी तैयारी तेज
नेतृत्व तय होने और नए दलों के जुड़ने के बाद एनडीए ने डीएमके के खिलाफ अपनी चुनावी तैयारी तेज कर दी है। आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और भी गर्म होने की उम्मीद है।