बिहार के बेतिया में गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनडीए की जनसभा का उद्घाटन करते हुए विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए एनडीए की जीत का दावा किया। उन्होंने इन दिनों में पहले चरण के चुनावी परिणाम नज़रअंदाज़ नहीं किए।
उपराष्ट्र मंत्री के प्रमुख वक्तव्य
मतदान की स्थिति – अमित शाह ने बताया कि बिहार में पहले चरण का मतदान पहले ही हो चुका है, जबकि दूसरा चरण 11 तारीख को होगा।
उन्होंने आगामी मंत्री विश्वास पर जोर देते हुए कहा कि “14 तारीख को मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी और 11 बजे तक ‘लालू एंड कंपनी’ का उल्लिखित ‘सूपड़ा’ स्पष्ट हो जाएगा।”
भाषण की शुरुआत उन्हें वाल्मीकि की तपोभूमि के सन्दर्भ में करने के बाद उन्होंने बताया कि अगर गलती से ‘ठगबंधन’ सरकार बनी, तो चंपारण की भूमि ‘चंबल’ बन जाएगी और बिहार फिर से ‘जंगलराज’ के काल में लौट जाएगा, अतः जनता से ‘कमलछाप’ पर बटन दबाने का आग्रह किया।
एनडीए की विजयी भविष्यवाणी
अमित शाह ने यह प्रकट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए 14 तारीख को निश्चित रूप से सरकार गठित करेगा। वे कहते हैं कि अयोध्या में श्रीराम का मंदिर पहले अंग्रेजों, फिर कांग्रेस और ‘लालू एंड कंपनी’ द्वारा अटकाया गया था, परंतु मोदी ने उसे भव्य रूप से पुनः स्थापित कराया।
उन्होंने उल्लेख किया कि बिहार में भी माता सीता का भव्य मंदिर बन रहा है और वादा किया कि “जिन दिन सीतामढ़ी में वे मंदिर बनेगा, उसी दिन अयोध्या से सीतामढ़ी के लिए ‘वंदे भारत’ ट्रेन शुरू हो जाएगी।”
घुसपैठियों पर कार्रवाई की अपील
सभा में अमित शाह ने घुसपैठियों के मुद्दे पर बल दिया, पूछते हुए कि क्या उन्हें देश से बाहर निकाला जाना चाहिए। भीड़ ने नारे लगाकर सहमति दर्शाई। फिर उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल बाबा ने “घुसपैठिया बचाओ” यात्रा शुरू की थी, परंतु सरकार एक-एक घुसपैठिए को बाहर निकालकर देश की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
शाह ने सवाल उठाया, “क्या कोई बांग्लादेशी घुसपैठिया तय करेगा कि बिहार का मुख्यमंत्री कौन बनेगा?” और बताया कि केंद्र सरकार हर कदम उठाकर देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करेगी। वे मानते हैं कि बिहार में एनडीए सरकार ही स्थिरता और विकास की गारंटी है।