ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों और सैन्य अड्डों पर बारीकी से हमला किया, जिससे पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा असर पड़ा। इस अभियान के बाद से पाकिस्तान ने भारतीय सेना की हर चाल पर कड़ी निगरानी रखी है, विशेषकर गुजरात के कच्छ सीमा और क्रीक क्षेत्र में।
दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ (PVSM, UYSM, AVSM) ने गुजरात में एक व्यापक परिचालन समीक्षा की। इस दौरे के दौरान उन्होंने कच्छ और क्रीक सेक्टर में सैन्य तैयारियों, तैनाती और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमताओं का गहन आकलन किया।
डिफेंस ऑफ गुजरात अभ्यास का निरीक्षण
लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने बड़े पैमाने पर आयोजित ‘डिफेंस ऑफ गुजरात’ अभ्यास का निरीक्षण किया। इस अभ्यास का उद्देश्य चुनौतीपूर्ण भौगोलिक और परिचालन परिस्थितियों में भारतीय सेना की युद्ध तत्परता, बहु-एजेंसी समन्वय और कार्य प्रणाली को परखना था। अभ्यास ने गुजरात के विविध परिचालन क्षेत्रों में राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दक्षिणी कमान की क्षमता को सुदृढ़ रूप से प्रमाणित किया।
पाकिस्तान की साजिश और भारतीय रक्षा
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने गुजरात के सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने का प्रयास किया, पर भारतीय सेना के डिफेंस ने हर हमले को नाकाम किया।
सैन्य अस्पताल में चिकित्सा शिविर
भुज सैन्य स्टेशन में सेना कमांडर ने आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल), नई दिल्ली की विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा टीमों के सहयोग से एक मेगा सर्जिकल नेत्र शिविर का उद्घाटन किया। इस शिविर में 120 से अधिक दूरस्थ गांवों के 2,500 से अधिक मरीजों की जांच की गई, और उन्नत जांच व शल्य चिकित्सा के माध्यम से 200 से अधिक लाभार्थियों की दृष्टि बहाल की गई। यह पहल सीमावर्ती और वंचित क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
दौरे का समापन और सम्मान
अहमदाबाद में लेफ्टिनेंट जनरल सेठ और दक्षिणी कमान आर्मी वीमेन वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) की क्षेत्रीय अध्यक्ष कोमल सेठ ने वीर नारियों और वीर माताओं से बातचीत की और उन्हें सम्मानित किया। यह कार्यक्रम सैनिकों के परिवारों के प्रति भारतीय सेना की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को रेखांकित करता है।
दौरे का समापन ‘शौर्य संध्या’ कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसमें गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भाग लिया। कार्यक्रम में सैन्य गौरव और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत संगम देखने को मिला, जिसमें निफ्ट के विद्यार्थियों द्वारा खादी के माध्यम से भारतीय फैशन का प्रदर्शन, भरतनाट्यम की आकर्षक प्रस्तुति, तथा सैनिकों द्वारा झांक पाथक, कलारीपयट्टू और आर्मी मार्शल आर्ट रूटीन (AMAR) जैसे युद्ध कौशल कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
सुरक्षा और सांस्कृतिक समन्वय का नया अध्याय
यह दौरा सक्षम और सुरक्षित भारत की भावना को सशक्त करता है, जिसमें मजबूत रक्षा तैयारियों के साथ जनसेवा और सांस्कृतिक जुड़ाव को समान महत्व दिया गया। यह पहल विकसित भारत 2047 की ओर अग्रसर राष्ट्र के साथ भारतीय सेना के अटूट संबंधों को और मजबूत करती है।