अगर आप महंगे रिचार्ज प्लान से परेशान हैं तो जल्द ही राहत मिल सकती है. टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने ऐसे नियम का प्रस्ताव रखा है, जिसके बाद कंपनियों को केवल वॉइस कॉल और एसएमएस के लिए सस्ते प्लान लाने होंगे. यानी जो ग्राहक मोबाइल डेटा का उपयोग नहीं करते, उन्हें इंटरनेट के लिए अलग से भुगतान नहीं करना पड़ेगा. TRAI पहले भी ऐसा प्रयास कर चुकी है, लेकिन वह पूरी तरह सफल नहीं हो पाई. अब फिर से नियमों में बदलाव पर विचार चल रहा है.
क्या नियम बदलने से सस्ते होंगे रिचार्ज प्लान?
TRAI ने पहले टेलीकॉम कंपनियों को कॉलिंग और एसएमएस वाले विशेष टैरिफ वाउचर लॉन्च करने का आदेश दिया था. इसके अनुपालन में कंपनियों ने कुछ प्लान पेश किए, लेकिन नियामक का मानना है कि这些选项 बहुत सीमित हैं और डेटा लाभ हटाने के बाद भी उनकी कीमतें अधिक रहती हैं. इन आदेशों का सही से पालन नहीं होने के चलते TRAI अब नियमों को कड़ा करने की तैयारी कर रही है, जिससे मोबाइल उपयोगकर्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है.
प्रस्तावित नियमों में क्या कहा गया है?
प्रस्तावित नियमों के अनुसार सभी टेलीकॉम कंपनियों को अपने मौजूदा बंडल्ड पैक के समान वैधता अवधि वाले वॉइस और एसएमएस प्लान लाने होंगे. इसका मतलब यह है कि उपयोगकर्ताओं को जल्द ही इंटरनेट रहित प्लान के varios विकल्प मिल सकते हैं. TRAI का मानना है कि इससे कीमतों में पारदर्शिता आएगी और फेयर प्राइसिंग सुनिश्चित की जा सकेगी.
कब तक लागू हो सकते हैं नियम?
नए नियमों के अमल में कुछ समय लग सकता है. फिलहाल TRAI ने नियमों में संशोधन का प्रस्ताव रखा है और इस पर 28 अप्रैल तक सभी पक्षधारकों से फीडबैक मांगा गया है. प्राप्त प्रतिक्रियाओं के आधार पर बदलाव को अंतिम रूप दिया जाएगा या मौजूदा व्यवस्था बरकरार रखी जाएगी. इस कारण पूरी प्रक्रिया में अभी कुछ समय लगेगा.
रिचार्ज प्लान ने बढ़ाया ग्राहकों की जेब पर बोझ
पिछले कुछ महीनों से टेलीकॉम कंपनियां अपने प्लान की कीमत को सीधे बढ़ाने के बजाय उनमें दिए जाने वाले लाभों को कम कर रही हैं. इसका परिणाम यह है कि ग्राहक पहले की कीमत पर कम सुविधाएं प्राप्त कर रहे हैं. हाल ही में BSNL और जियो जैसी कंपनियों ने कई रिचार्ज प्लान की वैधता अवधि घटाई है, जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ा है.