पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि टीएमसी को हराने में राज्य की जनता बीजेपी के कार्यकर्ताओं से आगे है।
बीजेपी‑चुनाव आयोग के गठजोड़ के आरोपों पर गृह मंत्री का बयान
टीएमसी लगातार बीजेपी और चुनाव आयोग के बीच गठजोड़ का आरोप लगा रही है। इस पर अमित शाह ने कहा, ‘तमिलनाडु में हमारी विरोधी सरकार है, वहां यह मुद्दा नहीं उठा। केरल में भी विरोधी सरकार है, कोई आरोप नहीं लगा। असम में कांग्रेस ने भी हम पर कोई आरोप नहीं लगाया। केवल ममता बनर्जी हैं, जिन्हें तकलीफ है और वे आरोप लगा रही हैं।’
उन्होंने आगे कहा, ‘ममता बनर्जी को जनता की आवाज सुनाई नहीं देती। मैं उन्हें बंगाल की जनता की आवाज सुना रहा हूं। वे थोड़ी तेज सुनती हैं, इसलिए मैंने कहा कि कान खोलकर सुन लो, इसमें क्या बुराई है? सबसे पहले कान खोलकर सुनना चाहिए। ममता बनर्जी को अपनी हार दिख रही है।’
शाह ने स्पष्ट किया कि सरकार बनने के बाद घुसपैठियों को रोकना और हटाना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
देश में घुसपैठिए नहीं रह सकते: अमित शाह
उन्होंने जोर देते हुए कहा, ‘इस देश में घुसपैठिए नहीं रह सकते। आधार कार्ड बनाना, पंचायत का दाखिला बनाना, घुसपैठियों को गांव में रहने देना और सीमावर्ती इलाकों में बाड़ नहीं लगाना — ये सब करके ममता बनर्जी कह रही हैं कि आप घुसपैťिए रोक लो। ऐसा करना हाथ बांधकर समंदर में फेंकने और कहने के समान है कि तैरकर बाहर आ जाओ। ऐसा संभव नहीं है।’
शाह ने पूरे देश के मतदाताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘हम त्रिपुरा में आए, वहां घुसपैť रुक गई। असम में आए, वहां भी रुकी। बंगाल में भी 5 मई को हमारी सरकार बनेगी और घुसपैť पूरी तरह रुक जाएगी।’
बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा पर गृह मंत्री का बयान
महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर अमित शाह ने कहा, ‘सीएम ममता बनर्जी खुद कहती हैं कि सात बजे के बाद महिलाएं बाहर न निकलें। मैं माताओं‑बहनों को बताना चाहता हूं कि पांच मई को भाजपा की सरकार बनने के बाद हम महिलाओं को संवैधानिक अधिकार देना चाहते हैं।’