Samsung Messages ऐप का अंतिम चलन: जुलाई 2026 से बंद
स्मार्टफोन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी Samsung ने अपने लाखों उपयोगकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण परिवर्तन की घोषणा की है. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उसका पुराना Samsung Messages ऐप जुलाई 2026 से पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा. इस तारीख के बाद उपयोगकर्ताओं को संदेश भेजने और प्राप्त करने के लिए Google Messages का उपयोग करना होगा.
Samsung Messages क्यों बंद किया जा रहा है?
Samsung का यह मैसेजिंग ऐप पिछले कई वर्षों से Galaxy स्मार्टफोनों का अभिन्न हिस्सा रहा है, लेकिन अब कंपनी इसे पूरी तरह से समाप्त करने जा रही है. जुलाई 2026 के बाद यह ऐप अधिकांश उपकरणों पर काम करना बंद कर देगा. हालांकि, आपातकालीन नंबर या आवश्यक संपर्कों के लिए सीमित उपयोग संभव रहेगा, परंतु सामान्य मैसेजिंग के लिए यह ऐप बेकार हो जाएगा.
यह बदलाव विशेष रूप से उन स्मार्टफोनों को प्रभावित करेगा जो Android 12 या उसके उच्चतर संस्करण पर चलते हैं. जबकि Android 11 या उससे पुराने संस्करण वाले डिवाइसों में यह ऐप कुछ समय तक चलता रह सकता है.
Samsung Google Messages की ओर क्यों बढ़ रहा है?
दरअसल, पिछले कुछ वर्षों से Samsung धीरे-धीरे अपने उपयोगकर्ताओं को Google के मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म की ओर स्थानांतरित कर रहा था. अब कंपनी ने इस प्रक्रिया को आधिकारिक रूप से अपनाया है. नए Galaxy फोन में पहले से ही Google Messages स्थापित आता है और इसे डिफ़ॉल्ट ऐप के रूप में सेट किया जा रहा है.
उपयोगकर्ताओं को क्या करना होगा?
यदि आप Galaxy फोन का उपयोग करते हैं तो जुलाई 2026 से पहले ही Google Messages ऐप डाउनलोड करके उसे डिफ़ॉल्ट मैसेजिंग ऐप बना लें. इससे आपके SMS और MMS सेवाएं बाधा‑मुक्त चलती रहेंगी और आपको नए फीचर्स का लाभ भी मिलेगा.
Google Messages के मुख्य फायदे
- RCS (Rich Communication Services) सपोर्ट – उच्च गुणवत्ता वाली फ़ोटो और वीडियो भेजना, ग्रुप चैट और रियल‑टाइम टाइपिंग इंडिकेटर देखना.
- AI‑आधारित स्मार्ट रिप्लाई – तेज़ और संदर्भ‑आधारित उत्तर सुझाव.
- स्पैम मैसेज पहचानना – अवांछित संदेशों को स्वचालित रूप से फ़िल्टर करना.
- मल्टी‑डिवाइस सपोर्ट – एक ही conversación को कई उपकरणों पर जारी रखना.
उपयोगकर्ताओं की चिंताएँ
इस परिवर्तन से सभी उपयोगकर्ता खुश नहीं हैं. कुछ लोग Samsung Messages के इंटरफ़ेस और अनुकूलन विकल्पों को अधिक पसंद करते थे. वहीं, कुछ उपयोगकर्ताओं को यह चिंता है कि अब उन्हें Google के इकोसिस्टम पर अधिक निर्भर रहना पड़ेगा.
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