22 फरवरी 2026 को लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में आयोजित 79वें ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवॉर्ड्स (BAFTA) में “वन बैटल आफ्टर अनदर” ने बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट अडैप्टेड स्क्रीनप्ले समेत कुल छह पुरस्कार जीतकर सबसे बड़ी विजेता बनी। सिनर्स और फ्रेंकस्टाइन को तीन-तीन पुरस्कार मिले, जबकि हैमनेट को आउटस्टैंडिंग ब्रिटिश फिल्म का सम्मान मिला। इस वर्ष भारत की पहली फीचर फिल्म “बूंग” ने बेस्ट चिल्ड्रन्स एंड फैमिली फिल्म का अवॉर्ड जीतकर इतिहास रचा, जिससे यह कैटेगरी में पहली बार किसी भारतीय प्रोडक्शन को मान्यता मिली।
बाफ्टा अवॉर्ड्स 2026 के प्रमुख विज़र्स
- बेस्ट फिल्म: वन बैटल आफ्टर अनदर (Sentimental Value)
- आउटस्टैंडिंग ब्रिटिश फिल्म: हैमनेट – I Swear
- बेस्ट लीडिंग एक्ट्रेस: जेसी बकले – हैमनेट
- बेस्ट लीडिंग एक्टर: रॉबर्ट अरामायो – I Swear
- बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस: वैल्यूवुनमी मोसाकू – सिनर्स
- बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर: सिन पेन – वन बैटल आफ्टर अनदर
- बेस्ट डायरेक्टर: पॉल थॉमस एंडरसन – वन बैटल आफ्टर अनदर
- बेस्ट ओरिजिनल स्क्रीनप्ले: सिनर्स – रायन कूगलर
- बेस्ट अडैप्टेड स्क्रीनप्ले: वन बैटल आफ्टर अनदर – पॉल थॉमस एंडरसन
- आउटस्टैंडिंग डेब्यू बाय ब्रिटिश राइटर या डायरेक्टर या प्रोड्यूसर: माई फादर्स शैडो
- बेस्ट फिल्म नॉट इन इंग्लिश लैंग्वेज: सेंटिमेंटल वैल्यू
- बेस्ट डॉक्यूमेंट्री: नोबडी अगेंस्ट पुतिन
- बेस्ट एनिमेटेड फिल्म: ज़ूट्रोपोलिस 2
- बेस्ट चिल्डर्न्स एंड फैमिली फिल्म: बूंग
- बेस्ट कास्टिंग: I Swear
- बेस्ट सिनेमैटोग्राफी: वन बैटल आफ्टर अनदर
- बेस्ट एडिटिंग: वन बैटल आफ्टर अनदर
- बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन: फ्रेंकस्टीन
- बेस्ट मेकअप और हेयर: फ्रेंकस्टीन
- बेस्ट ओरिजिनल स्कोर: सिनर्स
- बेस्ट प्रोडक्शन डिज़ाइन: फ्रेंकस्टीन
- बेस्ट साउंड: F1
- बेस्ट स्पेशल विज़ुअल इफ़ेक्ट्स: अवतार: फायर एंड ऐश
- बेस्ट ब्रिटिश शॉर्ट एनिमेशन: टू ब्लैक बॉयज़ इन पैराडाइज़
- बेस्ट ब्रिटिश शॉर्ट फ़िल्म: डिस इज़ एंडोमेट्रियोसिस
- EE राइजिंग स्टार अवॉर्ड: रॉबर्ट अरामायो
बूंग को लक्ष्मीप्रिया देवी ने निर्देशित किया है, जबकि फरहान अख्तर, रितेश सिधवानी, एलन मैकएलेक्स, विकेश भूटानी और शुजात सौदागर ने इसे प्रोड्यूस किया। लंदन में अवॉर्ड लेने के लिए मेकर्स की टीम मौजूद थी, जिसमें फरहान अख्तर, रितेश सिधवानी, लक्ष्मीप्रिया देवी और एलन मैकएलेक्स शामिल थे। यह जीत भारतीय सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई।