नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने फ्लाइट और एयरपोर्ट पर होने वाले हंगामों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए नया ड्राफ्ट नियम जारी किया है। इस ड्राफ्ट के तहत यात्रियों को शराब या नशे में हंगामा करना, क्रू से बदतमीज़ी करना, गाली‑गलौज या मारपीट करना, इमरजेंसी गेट से छेड़छाड़ करना, या फ्लाइट के अंदर नारेबाजी करना जैसे व्यवहारों पर सख्त दंड दिया जा सकता है।
ड्राफ्ट में प्रमुख प्रावधान
DGCA ने बताया कि यह ड्राफ्ट “जीरो टॉलरेंस” नीति पर आधारित है, जिसमें किसी भी प्रकार के अनुशासनहीन व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों के अनुसार, यात्रियों को फ्लाइट से उतारा जा सकता है और आवश्यक होने पर पुलिस कार्रवाई भी की जा सकती है।
कौनसी हरकतों पर कार्रवाई होगी?
- शराब या नशे में हंगामा करना
- धूम्रपान करना
- पायलट या केबिन क्रू की बात न मानना
- गाली‑गलौज या मारपीट करना
- इमरजेंसी गेट से छेड़छाड़ करना
- फ्लाइट के अंदर नारेबाजी या विरोध प्रदर्शन करना
इन हरकतों को गंभीर माना जाएगा और यात्रियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अनुशासनहीन व्यवहार का वर्गीकरण
ड्राफ्ट में अनुशासनहीन व्यवहार को चार स्तरों में बाँटा गया है:
- हल्की बदतमीज़ी
- मारपीट
- जानलेवा हिंसा
- कॉकपिट में घुसने की कोशिश
इस वर्गीकरण के आधार पर तय किया जाएगा कि यात्री पर कितनी सख्त कार्रवाई होगी।
नो‑फ्लाई लिस्ट और उड़ान से बैन
गंभीर मामलों में यात्रियों को कुछ महीनों से लेकर कई वर्षों तक उड़ान से बैन करने का प्रस्ताव है। ऐसे यात्रियों का नाम “नो‑फ्लाई लिस्ट” में डाला जा सकता है, ताकि वे किसी भी एयरलाइन से टिकट लेकर भी नियमों से बच न पाएं। कम से कम 30 दिन तक बैन लगाने का भी विकल्प है। यह सूची सार्वजनिक नहीं होगी, बल्कि केवल एयरलाइंस और संबंधित एजेंसियों के बीच साझा की जाएगी।
सुझाव और अंतिम रूप
DGCA ने एयरलाइंस और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं। सुझाव मिलने के बाद ही इन नियमों को अंतिम रूप देकर लागू किया जाएगा।