महाराष्ट्र में 15 जनवरी को बृह्नमुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव के लिए मतदान होगा, और अगले दिन ही परिणाम घोषित किए जाने की उम्मीद है। यह चुनाव लगभग दस वर्षों के बाद पहली बार हो रहा है।
हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, इस बार शिवसेना (उद्धव बाला साहब ठाकरे) की स्थिति काफी मजबूत दिखाई दे रही है। सर्वे में यह भी पाया गया कि सुरक्षा और अन्य मुद्दों को लेकर महिला मतदाता निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।
सर्वेक्षण के प्रमुख निष्कर्ष
Ascendia ने 25 दिसंबर को एक सर्वेक्षण किया, जिसमें पूछा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के चेहरे का चुनाव पर कितना असर पड़ेगा। सर्वे में शामिल 4 % महिलाएं, 4 % मुस्लिम मतदाता, 2 % मराठी और 4 % अन्य वर्गों ने यह माना कि वे पार्षद के कार्यों के आधार पर मतदान करेंगे।
मुस्लिम मतदाताओं की प्रवृत्ति
- 12 % मुस्लिम मतदाता उन पार्टियों को वोट देने का इरादा रखते हैं जो मुस्लिम उम्मीदवार को खड़ा करती हैं।
- 2 % ऐसे उम्मीदवार को समर्थन देंगे जो बीजेपी को हराने की स्थिति में हो।
- 10 % राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के गठबंधन का समर्थन दिखा रहे हैं।
- 11 % कांग्रेस-नेतृत्व वाले गठबंधन के पक्ष में हैं।
- 64 % ने अभी तक कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया है।
बीजेपी के 44 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित
शुक्रवार तक, महायुति के 68 उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत दर्ज कर ली है। बीजेपी नेता केशव उपाध्याय ने बताया कि राज्य भर में बीजेपी और महायुति के 68 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, जो शहरी स्थानीय निकायों में पार्टी की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। इन निर्विरोध उम्मीदवारों में से 44 बीजेपी के हैं, जिनमें सबसे अधिक संख्या ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली नगर निगम से है।
विरोधी दलों के आरोप
शिवसेना (उद्धव बाला साहब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ दल विपक्षी उम्मीदवारों को हटाने के लिए धन का इस्तेमाल कर रहा है और धमकी भी दे रहा है।