भारतीय रेलवे की दीर्घकालिक सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए 2025 RRB ग्रुप डी परीक्षा ने फिर से उम्मीदों की किरण जगाई है। इस बार परीक्षा के लेवल‑1 में कुल 32,438 पदों पर भर्ती होनी है, जबकि परीक्षा का कार्यक्रम 17 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक रहेगा। उम्मीदवारों के पास अब केवल सीमित समय है, अतः उन्हें अपनी तैयारी को सही दिशा देने की ज़रूरत है; सही रणनीति और तदर्थ विश्लेषण के साथ सफलता का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है।
भर्ती प्रक्रिया के चरण
भर्ती का पथ तीन स्पष्ट चरणों में विभाजित है।
- कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT): पहला चरण लिखित परीक्षा है, जिसमें उम्मीदवारों की लिखित योग्यता को परखा जाएगा।
- शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET): इसके पश्चात शारीरिक फिटनेस का मूल्यांकन किया जाएगा।
- दस्तावेज़ सत्यापन और मेडिकल जाँच: अंत में दस्तावेज़ की जाँच और मेडिकल जांच के बाद फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी।
परीक्षा का स्वरूप और अंकमान
CBT में कुल 100 प्रश्न होंगे, जिसे हल करने के लिए छात्रों के पास 90 मिनट का समय व्यतीत होगा। परीक्षा चार मुख्य विषयों पर आधारित है:
- सामान्य विज्ञान (भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान – 10वीं कक्षा स्तर)
- गणित (प्रतिशत, औसत, समय‑दूरी आदि)
- सामान्य जागरूकता व करंट अफ़ेयर्स (राष्ट्रीय‑अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ और रेलवे से जुड़ी जानकारियाँ)
- सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति (एनालिटिकल रीजनिंग, पैटर्न पहचान)
कुल अंक 100 के बराबर होंगे, और हर गलत उत्तर पर 1/3 अंक की नकारात्मक मार्किंग होगी; अतः सावधानीपूर्वक उत्तर दें।
टॉपिक्स की प्राथमिकता
परीक्षा में कुछ विषयों और टॉपिक्स का भार अधिक होता है। इन्हें पहचान कर उन पर विशेष ध्यान दें। पुराने प्रश्नपत्रों और मॉक टेस्ट का विश्लेषण करके यह पता लगाया जा सकता है कि कौन से क्षेत्र ज्यादा पूछे जाते हैं।
नियमित अध्ययन योजना बनाएँ
अंतिम दिनों में बिना किसी योजना के अध्ययन करना गुणात्मक नुकसान पहुँचा सकता है। एक सुविचारित शेड्यूल बनाकर सभी विषयों को शामिल करें:
- हर दिन गणित और रीजनिंग के सवाल हल करें।
- सप्ताह में एक बार करंट अफ़ेयर्स का रिवीजन अवश्य करें।
- छोटे, उपलब्धि‑उन्मुख लक्ष्य तय कर चरण‑बद्ध रूप से तैयारी पूरी करें।
नोट्स बनाकर बार‑बार रिवीजन करें
पढ़ाई के दौरान संक्षिप्त नोट्स बनाना बहुत उपयोगी होता है। इससे रिवीजन तेज़ और आसान होता है। गणित एवं विज्ञान के प्रमुख सूत्रों की अलग सूची बनाएँ, तथा सामान्य ज्ञान व करंट अफ़ेयर्स के लिए अलग नोटबुक रखें।
पुराने पेपर व मॉक टेस्ट का सही इस्तेमाल
पुराने प्रश्नपत्रों और मॉक टेस्ट का अभ्यास सबसे असरदार तैयारी का तरीका है। इससे आप परीक्षा के पैटर्न, प्रश्न स्तर और समय प्रबंधन का सही अनुभव प्राप्त करते हैं। हर मॉक टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण कर सुधार करें।
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